Pradosh Vrat 2025: 17 दिसंबर को बुध प्रदोष व्रत, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

साल का आखिरी बुध प्रदोष व्रत 17 दिसंबर को, शिव आराधना से मिलते हैं संतान और सफलता के आशीर्वाद

रायपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष का आखिरी बुध प्रदोष व्रत पौष मास की कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर रखा जाएगा। विधि-विधान से किए गए प्रदोष व्रत से संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और जीवन की सभी बाधाओं के दूर होने का आशीर्वाद मिलता है। बुधवार को पड़ने वाला यह व्रत विशेष रूप से ज्ञान, वाणी और व्यापार-कारोबार में उन्नति देने वाला माना गया है। इस दिन भगवान शिव की उपासना करने से साधक को उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाने वाला प्रदोष व्रत जीवन के सभी दोषों, दुखों और रुकावटों को दूर करता है। पूर्ण श्रद्धा से किए गए बुध प्रदोष व्रत से करियर और व्यवसाय में मनचाही सफलता मिलने की भी मान्यता है।

प्रदोष व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 16 दिसंबर 2025, रात 11:57 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 18 दिसंबर 2025, दोपहर 2:32 बजे
  • व्रत की तिथि: 17 दिसंबर 2025
  • शिव पूजन का प्रदोषकाल: शाम 6:04 बजे से रात 8:41 बजे तक

प्रदोषकाल में भगवान शिव के अभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, फूल और बेलपत्र अर्पित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में शुभता बढ़ती है।