स्कूल बस के कंडक्टर ने 5 साल की मासूम से की दरिंदगी, पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मुंगेली। बच्चे भगवान के रूप होते हैं और सनातन धर्म में बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है वहीं दूसरी तरफ कलयुग में ऐसे राक्षस भी हैं जो नन्ही बच्चियों को भी हवस का शिकार बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीते दिन ऐसी ही एक घटना निजी स्कूल संचालक के बस कंडक्टर के द्वारा स्कूल से लौटते वक्त चलती बस में 05 साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत की गई जिसकी शिकायत परिजनो ने थाने में की है, बच्ची उस हादसे के बाद से डरी हुई है

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आपको बता दें कि ग्राम करही में संचालित निजी स्कूल अध्ययन इंटरनेशनल में प्रार्थी की बच्ची अध्ययनरत है, व्यस्तता के चलते परिजनों ने स्कूल से संचालित बस में उसके आने जाने के लिए व्यवस्था बना रखी है, गत दिवस जब उनकी बच्ची स्कूल से घर पहुंची तो वह रो रही थी, मां के पूछने पर उसने बताया कि बस के दाढ़ी वाले अंकल ने उसके साथ गंदी हरकत की है, जिस कारण उसे दर्द हो रहा है। मॉ ने जब चेक किया तो देखा कि बच्ची के योनीद्वार से लगातार खून बह रहा था। जिसे लेकर प्राथमिक उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल डॉ. प्रियंका जांगड़े के पास पहुंचे। डॉक्टर ने उपचार के दौरान बताया कि बच्ची के निचले भाग में उंगली डाला गया है जिस कारण खून का रिसाव हो रहा है। इसके बाद परिजनों ने थाने पहुंच कर आरोपी बस कंडक्टर के विरूद्ध अपराध दर्ज करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मनीष तिवारी उर्फ नीलू के विरूद्ध धारा 376 एबी लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

ऐसी घटना बताती है की दरिंदे किसी भी शक्ल में हो सकते हैं
दरिंदे किस शक्ल के हो सकते हैं यह किसी को देखकर अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, कल तक जिस शख्स के भरोसे परिजन अपनी बच्ची को स्कूल भेज रहे थे उसी ने उसके साथ ऐसी गंदी हरकत की, जिससे बच्ची की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद से ही मॉ का रो रोकर बुरा हाल है।

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थाने पहुंचकर मामले को दबाने का प्रयास
परिजनों की माने तो स्कूल प्रबंधन को सिर्फ इस बात की चिंता है कि उसके स्कूल की छवि खराब न हो, इस मामले में स्कूल का नाम सामने न आए वे इसी प्रयास में लगे हैं, बच्ची इतने बड़े हादसे का शिकार हुई है, बावजूद उन्हे सिर्फ अपने स्कूल की चिंता है। बहरहाल पुलिस ने गैरजमानती धाराओं में अपराध दर्ज कर आरोपी मनीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

आखिर…इतनी व्यस्तता भी किस काम की
बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने मॉ-बाप अपने वर्तमान को न्यौछावर कर रहे हैं, यदि वे बच्चे ही न रह जाए तो ऐसे भविष्य का फिर मॉ बाप क्या करेंगे। माता-पिता अपनी व्यस्तता के चलते छोटे-छोटे बच्चों को बस से, ऑटो से स्कूल भेज रहे हैं। परिजनो को चाहिए कि बच्चा जब तक अच्छी और बुरी हरकतों के बारे में न जान जाए बच्चों को किसी गैर के साथ नहीं भेजना चाहिए।

गुड टच एवं बेड टच की जानकारी है जरूरी
बच्चों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है उन्हे ये पता होना चाहिए कि क्या गुड टच है और क्या बैड टच..। इसके अलावा उन्हे ये भी सिखाएं कि यदि उन्हे कोई बैड टच कर रहा तो इसका खुलकर विरोध करें और माता पिता एवं शिक्षक को इसकी जानकारी दें।

स्कूली बच्चों वाले वाहनो में कैमरा लगाने की मांग
चर्चा के दौरान परिजनों ने कहा कि हमारी बच्ची के साथ जो कृत्य हुआ है भविष्य में किसी और बच्ची के साथ न हो इसके लिए स्कूल संचालकों को वाहनों में कैमरे लगवाने चाहिए जिसकी कनेक्टिविटी स्कूल प्रबंधन एवं परिजनो के साथ हो। यदि ऐसा होता है तो सभी बच्चे सुरक्षित रहेंगे।

परिजनों ने की फांसी की मांग
बच्ची के परिजन आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहें हैं उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को 05 साल की मासूम में हवस नजर आ रहा है ऐसे लोग समाज के लिए घातक है, ऐसे लोगों को जल्द से जल्द फांसी पर लटका देना चाहिए, ताकि समाज से ऐसी गंदगी साफ हो, इसके बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बंद हो जाएगी।