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शिवराज सिंह चौहान की बड़ी बहू अमानत बंसल ने की राजनीतिक एंट्री, सीहोर से रखा पहला कदम

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बड़ी बहू और कार्तिकेय चौहान की पत्नी अमानत बंसल ने भाजपा के भेरूंदा कार्यक्रम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने जनता की सेवा का संकल्प लिया।

शिवराज सिंह चौहान की बड़ी बहू अमानत बंसल की राजनीतिक पारी का आगाज़, सीहोर से रखी नई शुरुआत

सीहोर, मध्य प्रदेश।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति में एक और नया चेहरा उभरकर सामने आया है। यह चेहरा है अमानत बंसल का, जो मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की बड़ी बहू हैं। अमानत बंसल ने शनिवार को सीहोर जिले के भेरूंदा गांव में आयोजित भाजपा के एक कार्यक्रम के मंच से सक्रिय राजनीति में अपने प्रवेश की घोषणा की।

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जनता से सीधा संवाद, राजनीति में सेवा भाव के साथ कदम

इस कार्यक्रम में अमानत बंसल ने भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करते हुए राजनीति में उतरने की बात कही। उन्होंने कहा,

“मैं राजनीति में पद के लिए नहीं, सेवा के लिए आई हूं। मेरा लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग की बात सुनी जाए और हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे।”

उनके इस भावुक और प्रतिबद्धता भरे बयान को सुनकर उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज से स्वागत किया। यह पहली बार है जब शिवराज सिंह चौहान के परिवार से किसी महिला सदस्य ने सार्वजनिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया है।


कौन हैं अमानत बंसल? जानिए राजनीतिक सफर से पहले की पृष्ठभूमि

अमानत बंसल, शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान की पत्नी हैं। अमानत की शिक्षा पंजाब और दिल्ली से हुई है। उन्होंने उच्च शिक्षा के दौरान सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि दिखाई और कई बार ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया।

पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अमानत बंसल सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय रही हैं, और अब उन्होंने इन अनुभवों को एक राजनीतिक रूप देने की ठानी है।


भेरूंदा से क्यों रखा गया पहला कदम? रणनीति के कई मायने

भेरूंदा गांव, सीहोर जिले का एक अहम हिस्सा है और यह शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक जड़ों से भी जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि अमानत बंसल ने यहीं से अपनी सार्वजनिक राजनीतिक पारी की शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह कदम न सिर्फ पार्टी में नई ऊर्जा लाने का प्रयास है, बल्कि मध्य प्रदेश में भाजपा की अगली पीढ़ी को नेतृत्व में लाने की दिशा में एक रणनीतिक पहल भी मानी जा रही है।


भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की प्रतिक्रिया

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अमानत बंसल की सक्रियता का स्वागत किया है। भाजपा महिला मोर्चा की एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया,

“अमानत जी के आने से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। उनका विजन युवा और महिलाओं को आकर्षित करेगा।”

सीहोर जिले के भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अमानत बंसल का राजनीति में आना जिले के लिए गौरव की बात है और वे निश्चित रूप से संगठन की मजबूती में योगदान देंगी।


राजनीतिक संकेत: क्या भविष्य में कोई बड़ी भूमिका?

हालांकि अमानत बंसल ने अभी तक किसी चुनाव लड़ने या पद की दावेदारी को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने भाषण में लोगों से जुड़ने और समाजसेवा की बात कही, उससे यह स्पष्ट होता है कि वे भविष्य में किसी बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार कर रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि मध्य प्रदेश में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में भाजपा उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। इससे पार्टी की “नए भारत की नई नेता” की छवि भी सशक्त होगी।


महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बल

अमानत बंसल की राजनीति में एंट्री को केवल एक पारिवारिक चेहरे की पहचान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह उस बदलाव का संकेत है जिसमें महिलाएं राजनीति में नेतृत्व की भूमिका निभाने को तत्पर हैं। खासकर ऐसे समय में जब महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है, अमानत बंसल जैसे युवा और शिक्षित चेहरे राजनीति में एक सकारात्मक संदेश देते हैं।


जनता से क्या उम्मीदें?

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अमानत बंसल के भाषण को प्रेरणादायक बताया। कई महिलाओं ने कहा कि वे उन्हें एक नई उम्मीद के रूप में देखती हैं। एक महिला ने कहा,

“हमें लगता है कि अब हमारी समस्याएं सीधे सुनने और हल करने वाला कोई होगा।”

युवाओं ने भी सोशल मीडिया पर उनके भाषण की तारीफ की और उम्मीद जताई कि वे युवाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए उनके लिए नई योजनाएं लाएंगी।

Ashish Sinha

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