
ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर सख्ती:शिकायतें अटेंड न करने पर 19 अधिकारियों का तीन-तीन दिन का वेतन कटेगा, कलेक्टर ने दिए निर्देश ग्वालियर
ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर सख्ती:शिकायतें अटेंड न करने पर 19 अधिकारियों का तीन-तीन दिन का वेतन कटेगा, कलेक्टर ने दिए निर्देश ग्वालियर
प्रदेश खबर राज्य प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे

ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कार्रवाई की है। कलेक्टर ने 19 अधिकारियों के तीन-तीन दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं।
यह कार्रवाई अक्टूबर 2025 में प्राप्त सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर की गई है। संबंधित अधिकारियों को पहले एल-1 स्तर पर विधिवत नोटिस जारी किए गए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और शिकायतों का समय सीमा में समाधान नहीं होने पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
इन अधिकारियों का कटेगा वेतन
वेतन कटौती के दायरे में आने वाले अधिकारियों में रीजनल मैनेजर संस्थागत वित्त प्रियंका बंसल, रवि रंजन, अफाक मंसूरी, प्रत्यूष श्रीवास्तव, अजय सिंह, देवेंद्र पाल सिंह और शंकरानंद झा शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के सीवर सेल के सहायक यंत्री केसी अग्रवाल, विद्युत वितरण कंपनी के उप प्रबंधक आशीष कुमार रोशन, तानसेन नगर के सहायक यंत्री (विद्युत) महेंद्र सिंह कौशल और करहिया के उप प्रबंधक (विद्युत) विपिन कुमार उइके पर भी कार्रवाई की गई है।
अन्य अधिकारियों में सहायक महाप्रबंधक संस्थागत वित्त नितेश कुमार सिन्हा, विक्रांत विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी धीरज सेन, नगर निगम के सहायक संपत्ति अधिकारी अजय जैन, पिछोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पियूष श्रीवास्तव, इंडसइंड बैंक संस्थागत वित्त के रीजनल मैनेजर सचिन गुजराती, मुरार के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, संस्थागत वित्त के आंचलिक प्रबंधक विकास रंजन और नगर निगम की भवन निरीक्षक (स्थायी अतिक्रमण) छाया यादव शामिल हैं।
भविष्य के लिए सख्त चेतावनी
कलेक्टर रुचिका चौहान ने वेतन कटौती के आदेश के साथ सभी अधिकारियों को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरती जाए, शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए और नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












